जोहान्सबर्ग में नरेन्द्र मोदी: ब्रिक्स (BRICS) शिखर वार्ता आज से प्रारंभ

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ब्राजील, रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के प्रमुखों के साथ  बुधवार से प्रारंभ होने वाली त्रिदिवसीय 10 वीं ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जोहान्सबर्ग में होंगे। etrishna के विशेष विश्लेषण से जानिए क्या हो सकता है ख़ास  ब्रिक्स के इस शिखर सम्मेलन में…

इस बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से क्या उम्मीद है?

इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के अनुमानों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा अमेरिका केन्द्रित  व्यापारिक कार्रवाई ने वैश्विक व्यापार युद्ध को हवा देने का काम कर दिया है, जिस पर 2020 तक दुनिया को 430 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है। ट्रम्प प्रशासन के संरक्षणवादी उपायों से ब्रिक्स समूह के पांच देशों, विशेष रूप से चीन को भारी नुकसान झेलना पद रहा है जिसका विरोध इस शिखर वार्ता में बढ़ चढ़ करने की संभावना है। भारत के, ब्रिक्स देशों के अमेरिका की सुरक्षावाद नीति विरुद्ध किसी सामान्य बयान (जिसमे अमेरिका को सीधा सीधा कुछ न कहा गया हो) के समर्थन करने की संभावना है।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भारत के मुख्य बिंदु क्या होंगे?

भारत के अनुसार  एस एंड पी, फिच और मूडी की पद्धति विकासशील देशों के खिलाफ पक्षपातपूर्ण है इसलिए भारत एक ब्रिक्स रेटिंग एजेंसी स्थापित करने के इच्छुक है। हालांकि भारत ने पहले भी 2016 की बैठक में इस परिपेक्ष में अध्ययन प्रस्तुत किया, लेकिन अन्य सदस्य बहुत उत्साहित नहीं थे। भारत फिर से योजना के कार्यान्वयन के लिए जोर  देगा।

मोदी ने ब्रिक्स काउंटर आतंकवाद रणनीति की मांग की है, जिसमें मनी लॉंडरिंग, आतंकवादी वित्तपोषण, साइबर स्पेस और रेडिकल अवयवों के उन्मूलन पर संयुक्त कार्रवाई शामिल है। भारत सीमा पर आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान को कड़ा संदेश भेजने के लिए एक मजबूत बयान भी भारत की ओर से आ सकता है ।

अन्य कौन से मुद्दों पर चर्चा  की जा सकती है?

आतंकवाद के क्षेत्रों में सहयोग, संयुक्त राष्ट्र सुधार, साइबर सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है।

ब्रिक्स समूह में भारत सामाजिक-आर्थिक मानकों पर कहां खड़ा है?

यद्यपि भारत चीन के पीछे समूह में दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, लेकिन भारत की प्रति व्यक्ति आय ($ 1,750) पांच सदस्य देशों में सबसे कम है। देश की शिशु मृत्यु दर (प्रति 1000 जीवित जन्म) रूस की 6 की तुलना में 37 पर सबसे ज्यादा है- जबकि सकल घरेलू उत्पाद का प्रतिशत स्वास्थ्य पर सार्वजनिक व्यय चीन के 6% के मुकाबले 1.2% कम है।

आखिर क्यों ख़ास है ब्रिक्स समूह?

समूह अपने सदस्यों के बीच अंतर्निहित विरोधाभासों के बावजूद 10 वर्षों तक जीवित रहा है: चीन और रूस में स्वायत्त सरकारें; चीन और भारत के बीच प्रतिद्वंद्विता और सीमा विवाद; दक्षिण अफ्रीका और भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। ब्रिक्स राष्ट्रों ने बढ़ती सुरक्षावाद पर चिंताओं को उठाया है। 2014 में स्थापित  “New Development Bank” ब्रिक्स की एक बड़ी उपलब्धि है।

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