कश्मीर (Kashmir) जन्नत या नरक – भारत भूषण गैरोला

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  • जन्नत या नरक
  • अलगाव वादी या भारतीय सेना
  • पत्थरबाज Vs गोलीबाज

KASHMIR – लगभग 24 घण्टे हो गये है मुझे कश्मीर घाटी में,फिलहाल श्रीनगर में हूँ, ये एक दम ठंडी घाटी अब कतई ठंडी नही है यहाँ कि हवाओ में अब गर्मी आ गई है। शहर में कर्फ्यू है,बाजार लगभग -लगभग बंद ही है।मेन चौक चौराहों में भारतीय सेना की अलग अलग टुकड़ी CRPF, ITBP, CISF, BSF तैनात है।  हर 10 मीटर पर कोई न कोई आर्मी का जवान, अंदर शहर में अगर घुस गये तो पत्थरबाज आपको दिख जायेगे,वो चेहरे पर नकाब लगाये बैठे है। इसका मतलब अब आप ये भी कतई न ले कि हर कोई पत्थरबाज है, ये पत्थरबाजी इनकी केवल आर्मी से है,यहाँ आये टूरिस्ट को तो ये भगवान की तरफ देखते है।
ये कहते है हम भारतीय सेना की गोलियो का जबाब पत्थर से देते है,हर जगह आपको Go india Go Back के नारे दिख जायेगे,बुरहान वानी के जयकारे भी दीवारों में दिख रहे है,और इसका भारतीय सेना को देखकर डर भी साफ-साफ झलक रहा है।
लेकिन सच कहूँ जो मैंने महसूस किया घाटी के हाल बुरे है,टूरिस्ट तो लगभग 5-10% यह गया है यहाँ पिछले 3-4 सालों में,एक समय था जब डल लेख में अनगिनत नावें दिखाई देती थी,सारी हाउस बोट भरी हुई होती थी,लेकिन अब यह सब केवल नाम मात्र है।
फ्लोटिंग दुकानें जहाँ बनारस की गलियों की याद दिलाती है,लेकिन ग्राहक न होने की वजह से अब वो भी सुनी पड़ी है,अंदाजा इस बात से लगाइए ,जहाँ पहले एक नाव दिन भर में नाव के एक चक्कर के 1000₹ लेती थी जो कि सरकारी रेट है,औऱ दिन के कम से कम 10-15 चक्कर लगा लेती थी,वो अब 500₹ में और गनीमत से दिन में केवल 1 चक्कर बमुश्किल लगा पा रही है।  केवल पर्यटन से आमदनी लगभग ठप्प ही है..

ये डल लेख में बोटिंग जो सुकून देती है,जन्नत का अहसाह कराती है पर्यटक को,वो जन्नत यहाँ के कुछ लोंगो के लिये अलगाववाद की बजह से नरक बनी हुई है..  यदि किसी पत्थरबाज ने भी गलती से भी यह जान लिया आप सेना से हो,तो समझ लो आपको विरोध का सामना तो करना ही पड़ेगा….



घाटी के कुछ अच्छे लोग बताते है,यहाँ मीडिया ने पूरा मिजाज बिगाड़ रखा है,केवल घाटी की पत्थरबाजी उनको दिखाई देती है,उनको लगता है ये पत्थरबाज पैसे देकर आये है। तो जनाब ध्यान रखना कोई 500₹ के लिये अपनी जान नही देता…

हाँ  ये माहौल बिगाड़ने वाले कुछ लोग ही  है,लेकिन आम आदमी,मजदूर तो घर से सुबह काम पर निकलकर कर रोजी-रोटी की तलाश में शाम को थक कर घर आकर सीधा आराम करता है…..

घाटी में पढ़ते बच्चों की चेहरे की मुस्कान खुसी भी देती है

लेख   –    भारत भूषण गैरोला

Kashmir – Beautiful Pictures By Bharat Bhushan Gairola

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