एक दिन में सबसे ज़्यादा रन तब मारे गए थे, जब फटाफट क्रिकेट का नामोनिशान भी नहीं था – 20 ओवर में 263 रन

क्रिकेट बदलता रहा है. पहले सिर्फ टेस्ट क्रिकेट हुआ करता था. फिर 70 के दशक की शुरुआत में एकदिवसीय मैच शुरू हुए. सफ़ेद यूनिफॉर्म की जगह कलर वाले कपड़े अलाऊ हो गए. पहले 60 और फिर 50 ओवर की एक पारी होने लगी. मैच को ड्रा होने के श्राप से मुक्ति मिल गई और रिजल्ट आने लगे. उसके बाद 90 के दशक में पहले श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने और फिर दुनियाभर के हिटर्स ने गेंद को निर्ममता से कूटने का चलन शुरू किया. गेंद को मैदान से बाहर भेज सकने में सक्षम खिलाड़ी स्टार बनने लगे. जयसूर्या, अफ्रीदी जैसे खिलाड़ी अपना खौफ़ पैदा करने लगे. और फिर आया ट्वेंटी-ट्वेंटी. क्रिकेट का सबसे छोटा और गेंदबाजों के लिए क्रूरतम फॉर्मेट.

जहां पहली गेंद से ही बल्ले को तलवार बनाना होता है. जेम्स बांड की टैगलाइन ‘लाइसेंस्ड टू किल’ को तमाम विस्फोटक बल्लेबाज़ों ने अपना धेयवाक्य बना लिया. 20 ओवर में 263 रन तक बन चुके हैं, जो कि कभी 50 ओवर के मैच में भी सेफ स्कोर माना जाता था. 40 ओवर में 400 के पार रन बनने का कारनामा तो न जाने कितनी बार हो चुका है पिछले दस सालों में. बैट से क्रूरता की हद पार कर जाने का ये चलन हालिया ही है.

ऐसे में क्या आप यकीन करेंगे कि क्रिकेट में एक दिन में सर्वाधिक रन बन जाने का करिश्मा 69 साल पहले हुआ था? तब, जब क्रिकेट अमूमन कछुए की चाल से चला करता था! ख़रामा-ख़रामा!

1948 में आज ही के दिन ऑस्ट्रेलिया ने एक दिन में 721 रन ठोक दिए थे. 129 ओवर में. जो उस ज़माने के हिसाब से असामान्य तेज़ी थी. ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड के दौरे पर थी. 15 मई को एसेक्स के खिलाफ़ उसका मैच हुआ. और ऑस्ट्रेलिया ने वो रिकॉर्ड बना डाला, जो आज तक नहीं टूट पाया है. और ना ही टूटने की संभावना है. ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी कर के उसने 721 रन बोर्ड पर टांग दिए.

इस पारी में चार शतक और दो अर्धशतक बने. टॉप स्कोरर थे क्रिकेट की दुनिया के ‘एवरेस्ट’ डॉन ब्रैडमन. सिर्फ दो घंटे बल्लेबाज़ी कर के उन्होंने 187 रन मार दिए. उनके अलावा ओपनर ब्राउन, लॉक्सटन और सेगर्स ने भी शतक ठोक दिए. इस भयंकर स्कोर का दबाव झेलना एसेक्स की टीम के बस का नहीं था. अगले दिन वो दो बार ऑल आउट हुई. पहले 83 पर और दूसरी बार 187 पर. ऑस्ट्रेलिया ने वो मैच पारी और 451 रनों से जीता.

डॉन ब्रैडमन को बॉलिंग करते पीटर स्मिथ. इमेज सोर्स: espncricinfo.com

इस मैच का एक दिलचस्प किस्सा भी है. ये उस ऑस्ट्रेलियन टीम के ही एक और बल्लेबाज़ से जुड़ा है. बल्लेबाज़ कीथ मिलर इस क़त्लेआम से सहमत नहीं थे. उन्हें सस्ते रन बटोरने में कोई दिलचस्पी नहीं थी. जब दो विकेट गिरने के बाद वो बल्लेबाज़ी करने आए, तो उन्होंने खुद को जानबूझकर आउट हो जाने दिया. उन्होंने अपना बल्ला हवा में उठा लिया और गेंद को स्टंप से टकराने दिया. बाद में उन्होंने कहा था कि उन्हें उस क़त्लेआम से चिढ़ हो गई थी. जब वो पैवेलियन लौट रहे थे तो गेंदबाज़ बेली ने नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े डॉन ब्रैडमन से कहा, “उसकी इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई दे रही.”

इस पर डॉन ने जवाब दिया, “वो सीख लेगा.”

बहरहाल, आज जब गेल, डेविड वॉर्नर जैसे बल्लेबाज़ क्रिकेट के मैदान में कहरबरपा बल्लेबाज़ी कर रहे हैं, तो क्या इस जैसा या इससे मिलता-जुलता कोई कारनामा फिर से देखने मिलेगा क्रिकेटप्रेमियों को?

source-https://www.thelallantop.com/news/most-runs-scored-on-a-single-day-in-history-of-cricket/

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