सैन्य सम्मान के साथ नम आँखों से हुई भारत माँ के इस लाल की अंतिम विदाई

असम राइफल्स में तैनात नागालैंड में शहीद हुए जजोली गांव निवासी गोपाल सिंह मेहरा पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। सैकड़ों नम आंखों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। शहीद के पुत्र ने रामगंगा और सरयू के संगम स्थल रामेश्वर घाट में चिता को मुखाग्नि दी। पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। पत्नी पार्थिव देह देख बेहोश हुई तो वृद्ध मां की आंखें पथरा गई। भाई और परिजनों के आंखों से आंसू बहते रहे तो शहीद के अंतिम दर्शनों को पहुंची भारी भीड़ भी द्रवित हो गई।

बुधवार की सुबह पूर्वोत्तर के नागालैंड में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में असम राइफल्स में तैनात तहसील मुख्यालय के निकटवर्ती दशाईथल के जजोली गांव निवासी गोपाल सिंह 47 वर्ष शहीद हो गए थे। उनकी पत्नी और बच्चे वर्तमान में दिनेशपुर में रहते थे। शहीद के बच्चे और दोनों भाई गुरुवार गांव पहुंच गए थे।

परिवार को दी गई सरकारी सूचना के अनुसार पिथौरागढ़ के दसाईथल कस्बे से सटे जजोली गांव निवासी असम राइफल्स में तैनात जवान गोपाल सिंह (47 वर्ष) पुत्र स्व. त्रिलोक सिंह पूर्वोत्तर में नागालैंड से सटे एक गांव में तैनात थे। बुधवार सुबह चार बजे आतंकियों ने एकाएक हमला बोल दिया, जिसमें मुठभेड़ के दौरान वह शहीद हो गए। इसकी सूचना असम राइफल्स की ओर से जवान के परिजनों को दी गई। सूचना में पूरे घटनाक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। परिजनों को यह सूचना मिलते ही गांव सहित तहसील मुख्यालय में शोक में डूब गया।

शहीद के पार्थिव शरीर को सेना के  जवान शुक्रवार की सुबह पैतृक गांव जजोली लेकर पहुंचे । इससे पूर्व शहीद के पार्थिव शरीर के आने की सूचना पर क्षेत्र के दर्जनों गांवों के ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस गांव में पहुंच गए थे।

शुक्रवार की सुबह जैसे ही पार्थिव शरीर को लेकर 24 असम राइफल्स के सूबेदार मंगल सिंह, हवलदार मोहन सिंह, सीआरपीएफ में तैनात शहीद के रिश्तेदार ललित मोहन सिंह, सुंदर सिंह और अनूप सिंह पहुंचे। जैसे ही पार्थिव शरीर पैतृक घर पर पहुंचा तो शहीद के अंतिम दर्शन के लिए होड़ लग गई। इस दौरान शहीद को अंतिम सलामी देने के लिए कुमाऊं रेजीमेंट के सूबेदार दिनेश चंद्र भट्ट, नायब सूबेदार जगत राम 19 जवानों के साथ पहुंचे। पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही शहीद की पत्नी बसंती देवी, पुत्री सोनी, पुत्र सौरभ और पुत्री हिमानी शहीद के दर्शन करते ही दहाड़ मार कर रो पड़े।

बड़ा भाई असम राइफल्स में सूबेदार, छोटा जम्मू में तैनात

शहीद जवान गोपाल अपने चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनके बड़े भाई निर्मल सिंह मेहरा भी असम राइफल्स में सूबेदार पद पर मणिपुर में तैनात हैं। शहीद का छोटा भाई ठाकुर सिंह सेना में हैं जो जम्मू कश्मीर के पुंछ में तैनात हैं। सबसे छोटा भाई रिपुदमन सिंह गांव में ही दुकान चलाता है। शहीद का परिवार ऊधमसिंह नगर के दिनेशपुर में रहता है। शहीद के तीन बच्चे हैं। जिसमें सबसे बड़ी पुत्री का विवाह हो चुका है। दूसरी पुत्री हाईस्कूल में और पुत्र पॉलिटेक्निक कर रहा है। शहीद को छोड़ कर अन्य तीनों भाइयों का परिवार गांव में ही रहता है। घर पर वृद्ध माता कौशल्या देवी हैं जो बीमार रहती हैं।

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