मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत पर गीत से सीधा प्रहार 

CM Trivendra Singh Rawat Attacked

उत्तराखंड की सियासत में गीतों के माध्यम से हलचल का दौर नया नहीं है। पूर्व में नौछमी नारायण और अब कथगा खालू रे जैसे गीतों ने सियासत में खूब हलचल मचायी थी। इस बार भी “उत्तराखंडियों जागी जावा (Uttarakhandiyon Jaagi Jawa) के नाम से कुछ इसी प्रकार से यह गीत बना है। इस गीत के गायक पवन सेमवाल (Pawan Semwal) है।  इस गीत में सीधे व्यक्तिगत तौर पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (Trivendra singh Rawat) को झाँपू कहा गया है। इस गीत में रोशन लाल रतूड़ी (Roshan Lal Raturi) को बढ़ चढ़ कर दिखाया गया है।

क्या है इस गीत के ख़ास पहलू :

  • पवन सेमवाल नहीं हैं चर्चित गायक।
  • मुख्यमंत्री पर सीधा प्रहार। झाँपू (Jhanpu) शब्द से किये गए हैं प्रहार।
  • भ्रस्टाचार के ऊपर कोई प्रहार नहीं किया है इस गीत में।
  • महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार को किया गया इंगित।
  • बढ़ते शराब और नशे  के कारोबार पर भी है बड़ा आरोप।
  • विकास के ऊपर सरकार से की है शिकायत।
  • कीर्तिनगर ख़ास पट्टी से रोशन लाल रतूड़ी को किया गया है हाईलाइट।
  • कुछ बुद्धिजीवियों द्वारा इस गाने को केवल पब्लिक अटेंशन पर केंद्रित गीत कहा जा रहा है।

बहरहाल सरकार की नजरों में और सोसियल मीडिया के बीच में तो यह गाना खूब चर्चा में है।  अब सत्ता को बदलने की ताक़त इस गीत में है या नहीं इस बात को अभी काफी वक़्त बाकी  है। सरकार को आइना दिखाने में हमारे लोकगीतों ने अग्रणी भूमिका निभाई है।  नौछमी नरैण , अब कथगा खईलू के बाद उत्तराखंडियों जागी जावा ने बहुत कम दिनों में लोगों में अपनी पंहुच बना ली है।

जानें क्या हैं इस गीत के बोल Lyrics Uttarakhandiyon Jaagi Jawa …….

“उत्तराखंडियों जागि जा सुनिन्द अब ना स्यावा रे। -2

बेटी ब्वारि की लाज बचौण सभि अगनै आवा रे। -2

बेटी ब्वारि लुट्याणी छन मवासि लगीं छन धार रे। -2

सुनिन्द सेंयु छ झाँपू बडा सुनिन्द सेंयी सरकार  रे। -2

हटाई आँचल मुंडा को करि गैना खंड खंड रे। -2

घरु घरु मा ठेका खोल्यां छन चढ़ि दारु बरम्हण्ड रे। -2

भितरा का भैर बस्याँ छन भैर का भितर रे। -2

राजनिति को चस्का दिदों करिगे तितर बितर रे। -2

जन देश मा मोदी अर यूपी मा योगी आयी रे। -2

ये  उत्तराखंड का चमचा यनु झाँपू कखन ल्याई रे।-2

विकास का नौ पर झाँपू को कुछ नि करयूं च। -2

जो ढुंगु जख रै होलु स्यु तखि धर्युं को धर्युं च। -2

बेटी बचौण बेटी पढोंण  पर लाज कैन बचौण रे। -2

नि औंद कृष्ण कलजुग माँ एकजुट हम होण रे। -2

शासन सरकार घेरा पंहुचा उत्तराखंड रे। -2

झाँपू भी सुनिन्द सेंयु एक मारा जोंदयाल बरम्हण्ड रे। -2

शासन लग्युं जुगाड़ पोटकयों तचोंण मा। -2

खाई डकारी उत्तराखंड यि बैठ्यां छन बचौंण मा। -2

रोशन भाई आवा रे यूँ निर्बुद्धों तै भगावा रे। -2

ये उत्तराखंड की लाज मेरी अब तुम्ही बचावा रे। -2 ”

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