जम्मू कश्मीर – 20 अलगाववादी गिरफ्तार 100 से ज्यादा पर कड़ी नजर

  • 100 से ज्यादा अलगाववादियों पर सरकार  की कड़ी नजर,  अलगाववादियों के अच्छे दिन गए। 
  • 20 अलगाववादी गिरफ्तार (Algawadi leader arrested in kashmir)

भारत का अभिन्न अंग जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना(indian Army) के ऊपर पुलवामा(Pulvama) में हुए आतंकी हमले के बाद सेना और सरकार ने अपने अपने तरीके से आतंकवादियों  को समाप्त करने के लिए कदम उठाने प्रारम्भ कर दिए है  इसी कड़ी में अलगाववादियों पर लगाम कसने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है.

अभी तक 100 से ज्यादा अलगाववादियों पर पर सरकार की कड़ी नजर है जबकि 20 अलगाववादी की अभी तक  गिरफ्तार(Arrested) कर ली गई है।  

शुक्रवार रात जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक को हिरासत(arrested) में ले लिया गया. इसके अलावा पाकिस्तान की ओर से आतंकी गतिविधियों की आशंका के मद्देनजर सीमा पर भी चौकसी बढ़ाई गई है. अकाली दल के कार्यकर्ताओं  भी शनिवार सुबह लाल चौक पर तिरंगा फहराने गए परन्तु दल के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया .

तमाम घटनाओ के अलगावादियों को बचाने की पहल करते हुए  पीडीपी प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती(mahbooba mukti) ने नेताओं को हिरासत में लेने के फैसले पर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया, ‘पिछले 24 घंटे में हुर्रियत नेताओं और जमात संगठन के कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है. मनमाने तरीके से उठाया गया ये कदम जम्मू-कश्मीर में मुद्दों को उलझा देगा. किस बिनाह पर नेताओं की गिरफ्तारी हुई? आप किसी शख्स को कैद कर सकते हो, उसके विचारों को नहीं.’

आपको बता दें कि सीआरपीएफ के काफिले पर बीती 14 फरवरी 2019  को हुए आतंकी हमले के आठ दिन बाद हुई इन  गिरफ्तारियों से घाटी में अलगावादियों में दर का माहौल है . पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गये थे. हमले के बाद से राज्य में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. साथ की सुरक्षाबलों की 100 और कंपनियों को जम्मू कश्मीर में तैनात किया गया है.

अभी तक –

  • गृह मंत्रालय के आदेश पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 22 अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा और सरकारी सुविधाएं वापस ले ली गई है
  • सूबे के 155 राजनीतिक शख्सियतों को दी गई सुरक्षा में बदलाव किया है .
  • गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक इन अलगाववादी नेताओं और राजनीतिक व्यक्तियों की सुरक्षा में एक हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी और 100 के करीब सरकारी वाहन लगे हुए थे.

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